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रामश्रीराम चाहे रामचंद्र एगो भारतीय देवता हवें जिनके हिंदू लोग विष्णु के सातवाँ अवतार माने ला; वाल्मीकि के महाकाव्य आ हिंदू धर्मग्रंथ रामायण आ तुलसीदास के काव्य रामचरितमानस में इनके कथा प्रमुख रूप से बर्णित बा आ अउरी कई गो रामकथा सभ के ई मुख्य पात्र बाड़ें। वैष्णव शाखा इनके विष्णु के अवतार माने ला[2] आ रामभक्ति शाखा में इनका के सभसे ऊँच देवता भा साक्षात ईश्वर (भगवान) के रूप मानल जाला।


राम
बाल वनिता महिला आश्रम
राम एगो हिंदू देवता हवें, बिबिध रूप में इनके निरूपण भइल बा
संबंधित बाड़ेविष्णु के सातवाँ अवतार, देव
धामबैकुंठअजोध्या
हथियारतीर-धनुष
ग्रंथरामायणरामचरितमानस
तिहुआररामनवमीदिपावलीदशहरा
Personal information
जनमअयोध्याकोसल (वर्तमान में उत्तर प्रदेश)
Consortसीता[1]
संतानलव (बेटा)
कुश (बेटा)
माई-बाबूजीदशरथ (पिता)[1]
कोसिला (महतारी)[1]
कैकेयी (मयभा)
सुमित्रा (मयभा)
सहोदरलक्ष्मण (भाई)
भरत (भाई)
शत्रुघन (भाई)
बंसरघुवंश, इच्छ्वाकुवंश, सूर्यवंश

कथा अनुसार राम कोसल प्रदेश के राजा दशरथ, जिनके राजधानी अजोध्या रहल, के चार गो में से जेठ बेटा रहलें आ रानी कौशल्या के गरभ से पैदा भइल रहलें जबकि बाकी भाई लोग लक्ष्मण, भरत आ शत्रुघन रहल। राम के बियाह जनक के बेटी सीता से भइल। एकरे बाद के घटनाक्रम में राम के बनवास, सीता के रावण द्वारा हरण, सीता के खोज आ रावण से जुद्ध के बाद लंका पर बिजय पा के वापस अजोध्या लवटे; सीता के अग्निपरीक्षा आ त्याग इत्यादि रामकथा के मुख्य घटना हईं। कथा में राम के धर्म आ सामाजिक ज़िम्मेदारी निभावे वाला आदर्श ब्यक्ति के रूप में चित्रित कइल गइल बा।

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संदर्भसंपादन

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