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इंदौर के पितरेश्वर हनुमान धाम का इतिहास, कैसे पहुंचें, कहां ठहरें...*By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब* 🌹🙏🙏🌹इंदौर। देवी अहिल्या बाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पितरेश्वर हनुमान धाम की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। यह स्थान रेलवे स्टेशन से करीब 11 किलोमीटर और गंगवाल बस स्टैंड से करीब 8 किलोमीटर दूर है। पितरेश्वर हनुमान मूर्ति को लगवाने से लेकर प्राण-प्रतिष्ठा तक का श्रेय भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और उनकी पूरी टीम को जाता है। पितरेश्वर हनुमान धाम का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है।MgidMgidLOCTITEStart Using LOCTITE Solutions On Your Plant Machinery. Order NowDouble up your machines' performanceAVAIL UP TO 50% OFF →Playvolume00:05/00:00TruvidfullScreenALSO READ: बनेगा विश्व रिकॉर्ड, 1000 क्विंटल आटे, 1000 क्विंटल शक्कर से बनेगी पितरेश्वर हनुमान धाम की 'महाप्रसादी'विज्ञापनइंदौर में नर्मदा के जल के आने से पहले शहर की जलापूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र यशवंत सागर ही हुआ करता था। यशवंत सागर से पानी रेशम केंद्र से पंपिंग करके जम्बूड़ी होते हुए देवधरम टेकरी पर आता है। यहां पर पानी फिल्टर होता है और फिर पश्चिमी क्षेत्र के कुछ हिस्सों की जलापूर्ति आज भी यही पानी करता है। इसी देवधरम टेकरी के बचे हुए हिस्से में पितरेश्वर हनुमान धाम बनाया गया है। webduniaकैसे हुई शुरुआत : 2002 में कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के महापौर थे और उन्हें विचार आया कि क्यों न देवधरम टेकरी पर हनुमानजी की सबसे बड़ी मूर्ति लगाई जाए। यहीं पर उन्होंने शहर के लोगों से आग्रह किया कि वे 'पितृ पर्वत' पर अपने स्वर्गीय परिजनों के नाम से एक पौधा लगाएं, जिसकी देखभाल इंदौर नगर निगम के कर्मी करेंगे। पितृ पर्वत का नया नामकरण : 18 सालों में लोगों ने पितृ पर्वत पर सैकड़ों पौधे रोपे जिसमें से कई तो विशाल वृक्ष का रूप ले चुके हैं। यहां पर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित होने के बाद इस स्थान का नया नामकरण 'पितरेश्वर हनुमान धाम' हो गया है। यानी पितृ पर्वत अब पितरेश्वर हनुमान धाम से जाना जाएगा। इन होटलों में ठहरा जा सकता है : निम्न और मध्यम वर्ग के यात्री गंगवाल बस स्टैंड के आसपास छोटी होटलों में ठहर सकते हैं लेकिन जिन लोगों को सर्वसुविधा और लक्जरी व्यवस्था चाहिए उन्हें विजय नगर क्षेत्र में जाना होगा। ऐसे यात्री होटल मेरिएट, सयाजी, रेडिसन में ठहर सकते हैं। इन सितारा होटलों से पितरेश्वर हनुमान धाम की दूरी करीब 10 किलोमीटर है।*By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब* 🌹🙏🙏🌹यह भी पढ़ेंइंदौर के पितृ पर्वत पर विराजे हनुमानजी, 3 मार्च को रिकॉर्ड 10 लाख लोग ग्रहण करेंगे महाप्रसादीबनेगा विश्व रिकॉर्ड, 1000 क्विंटल आटे, 1000 क्विंटल शक्कर से बनेगी पितरेश्वर हनुमान धाम की 'महाप्रसादी'एक राष्ट्रीय राजनेता के बिना अन्न के ऐसे बीते 18 साल...इंदौर स्थित पितरेश्वर हनुमान धाम के आसपास के चर्चित धार्मिक स्थलभारत की 10 सबसे विशालकाय हनुमान प्रतिमाएंहनुमानजी के सबसे सिद्ध और चमत्कारिक 10 मंदिरश्री बजरंग बाण का पाठआधुनिक दुनिया में हनुमान चालीसा का क्या महत्व है?हर मंगलवार 11 बार पढ़ें श्री हनुमान चालीसा, निश्चित दूर होगी हर समस्याहनुमानजी बंदर या वानर थे या कुछ और, क्या आज भी मिलते हैं ऐसे लोगहनुमान-भक्त अमिताभ बच्चन इस मंदिर में हर साल दर्ज कराते हैं उपस्थितियह दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी है हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त

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श्री हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए?ब (ाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम की अध्यक्ष श्रीमती वनिता कासनियां पंजाब) १. हनुमान चालीसा का 100 बार जप करने पर आपको सभी भौतिकवादी चीजों से मुक्ति मिल जाती है२.हनुमान चालीसा का 21 बार जाप करने से धन में वृद्धि होती है।३. हनुमान चालीसा का 19 बार जाप करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।४.हनुमान चालीसा का 7 बार जाप करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।५.हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और आपको हर स्थिति में विजयी होने में मदद मिलती है।६.अगर आप अपने जीवन में एक साथ कई परेशानियों से परेशान है और हनुमान जी की विशेष कृपा पाना चाहते है तो सुबह के 4 बजे 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करे७.मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और मंगल दोष, साढ़े साती जैसे हर दोष का निवारण होता है।८.भगवान हनुमान जी का नाम जप करने से आपके आसपास एक सकारात्मक आभा का निर्माण होता है।९.राम नाम का जप या राम हनुमान का कोई भी राम भजन, हनुमान जी को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है क्योंकि वे भगवान श्री राम जी से सबसे अधिक प्रेम करते हैं।१०.यदि आप एक विशेष दोहा का जप करते हैंबल बुधि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकरयदि अध्ययन से पहले 11 बार इस दोहा का जप 21 दिनों तक लगातार कर लिया जाए तो अध्ययन के प्रति विधार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी११.भूत पिशाच निकट नहीं आवै महावीर जु नाम सुनावेअगर आप इस श्लोक का 27 बार जाप करेंगे तो आपके दिल से अनुचित डर खत्म हो जाएगा।और भी बहुत से लाभ आपको खास दोहा और चौपाई का जाप करने से मिलेगा।वनिता कासनियां पंजाबकहा जाता है कि हनुमान चालीसा के हर श्लोक और दोहे का 108 बार जाप करना भी बहुत अच्छा होता है।जय श्री राम 🙏हर हर महादेव 🙏🙏

श्री हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए? बाल वनिता महिला वृद्ध आश्रम की अध्यक्ष श्रीमती वनिता कासनियां पंजाब १. हनुमान चालीसा का 100 बार जप करने पर आपको सभी भौतिकवादी चीजों से मुक्ति मिल जाती है २.हनुमान चालीसा का 21 बार जाप करने से धन में वृद्धि होती है। ३. हनुमान चालीसा का 19 बार जाप करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। ४.हनुमान चालीसा का 7 बार जाप करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ५.हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और आपको हर स्थिति में विजयी होने में मदद मिलती है। ६.अगर आप अपने जीवन में एक साथ कई परेशानियों से परेशान है और हनुमान जी की विशेष कृपा पाना चाहते है तो सुबह के 4 बजे 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करे ७.मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और मंगल दोष, साढ़े साती जैसे हर दोष का निवारण होता है। ८.भगवान हनुमान जी का नाम जप करने से आपके आसपास एक सकारात्मक आभा का निर्माण होता है। ९.राम नाम का जप या राम हनुमान का कोई भी राम भजन, हनुमान जी को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है क्योंकि वे भगवान श्री राम...

सुंदरकांड का पाठ किस तरीके से करना चाहिए By वनिता कासनियां पंजाब ? जय श्री राम।आपने सुंदरकांड पाठ के बारे में पूछा शायद मैं उसका जवाब दे पाऊंगी क्योंकि मैं सुंदरकांड का पाठ प्रतिदिन करती हूं। सुंदरकांड तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस का एक कांड है जिसमें हनुमान जी की महिमा का वर्णन है।सुंदरकांड का पाठ पढ़ने से हमें बहुत ही अधिक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है और हमें हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है हमारे शरीर में हमें फुर्ती महसूस होती है और हम बहुत हद तक हमारी बीमारियों को ठीक हुआ महसूस करते हैं यह एक बहुत ही बढ़िया पाठ है।सुंदरकांड के पाठ में 60 दोहे हैं इसे पढ़ने में हमें कम से कम 1 घंटे का समय लगता है अगर हम इसे ध्यान से पढ़ें तो हमें हनुमान जी ने जो जो कार्य राम जी के लिए किए थे उसके बारे में हमें पता चल जाता है। हम इसे नित्य पढ़ सकते हैं और अगर हम चाहे तो इसे सप्ताह में एक बार मंगलवार या शनिवार के दिन भी पढ़ सकते हैं क्योंकि मंगलवार और शनिवार हनुमान जी के दिन होते हैं तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ पढ़ने का बहुत अधिक महत्व है।इसे पढ़ने के लिए हमें ज्यादा कुछ नहीं करना है बस हमें हनुमान जी की तस्वीर के सामने एक तांबे के कलश में पानी रखना है और हनुमान जी के लिए कुछ भी प्रसाद चाहे गुड़ का टुकड़ा भी क्यों ना हो रखना है फिर हमें अगर हमारे पास फूल हो तो हनुमान जी के तस्वीर के पास फूल चढ़ा देना चाहिए और एक दीया लगाकर हमें सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए सुंदरकांड के पाठ को हमें अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए जब तक हो सके इसे पूरा पढ़ना चाहिए और सुंदरकांड के पाठ के अंत में हमें हनुमान चालीसा पढ़ कर प्रभु को ध्यान में रखकर अगर हमारी कुछ भी मन में इच्छा हो तो आप उन्हें कह सकते हैं। अब हम वह हनुमान जी की तस्वीर के पास रखा हुआ जल ग्रहण कर लेना है यह जल अमृत के समान हो जाता है इस पानी को पीने से हमारे शरीर में बहुत ही उर्जा का अनुभव होता है और हमारे शरीर एक कष्टों का निवारण होता है।हम जिस तरीके से सुंदरकांड का पाठ करते हैं उस तरीके को आपसे साझा कर दिया है अगर इसमें कुछ भी त्रुटि हो तो आप सभी से माफी चाहते हैं और अगर आपको इससे संबंधित कुछ भी पुछना हो तो आप हमसे बेहिचक पूछ सकते हैं।मैं प्रतिदिन यह वाली सुंदरकांड का पाठ करती हूं यह 45 मिनट में संपूर्ण हो जाती है जय श्री राम 🙏🚩

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मेरे मन बस गया है यो अंजनी का हनुमान, अंजनी माँ का राज दुलारा, पवन पिता का पुत्र ये प्यारा म्हारा से भगवन, मेरे मन बस गया है यो अंजनी का हनुमान लाल लंगोटा हाथ में सोटा, लाल लंगोटा हाथ में सोटा मोटा से साहूकार, मेरे मन बस गया है यो अंजनी का हनुमान, मंगल का दिन शुभ का होसे, मिल्या अमर वरदान मिल्या अमर वरदान, मेरे मन बस गया है यो अंजनी का हनुमान,। 4464005860401745